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  1. 1. उद्देश्य:- 1. कालक्रम 2. मानव जीवन की रचना 3. बदलाव क े कारण
  2. 2. पुरातत्व का मानववकी और प्राक ृ वतक वीज्ञान से सम्बन्ध पुरातत्व एवं मानववकी 1. इवतहास - इवतहास का सम्बन्ध मानव क े अतीत से है तथा पुरातत्व भी मानव अतीत एवं उसक े द्वारा प्रयोग की गई वस्तु का ही ववस्तृत अध्ययन हैं l 2. पुरावलवपशास्त्र - अवभलेख 3. भाषाशास्त्र
  3. 3. 6. अथथशास्त्र और राजनीवतशास्त्र वस्तु वववनमय प्रणाली, मुखखया, स्वावमत्व 7. नृतत्वववज्ञान - मानव की शारीररक संरचना तथा सांस्क ृ वतक पक्षो का अध्ययन 8. कला - मूवतथकला, वचत्रकला, उक े रण, मृदभांड आवद
  4. 4. पुरातत्व एवं प्राक ृ वतक ववज्ञान 1. भूतत्व ववज्ञान - Law of Stratigraphy सागर तल एवं नदी - वेवदकाओं * B.N.Puri - जहााँ भूगभथ का अन्त होता हैं, वहींसे पुरातत्व का प्रारम्भ होता हैं l 2. भौवतक - Radio carbon Potassium argon 3. रसायन - पुरावस्तुओं की सफाई, संरक्षण
  5. 5. 4. प्राणी ववज्ञान 5. वनस्पवत ववज्ञान - वृक्षवलय, पराग ववश्लेषण
  6. 6. * अन्वेषण क्या हैं ? * अन्वेषण की वववियााँl Exploration (अन्वेषण) मनुष्य द्वारा प्रयोग की गई स्थान समय क े साथ भु-गभथ में समा जाती हैं वजसे उजागर करने हेतु अन्वेषण कायथ की जाती हैं l पुरास्थलोंकी खोज Field Archaeology कहलाती हैं l
  7. 7. अन्वेषण की वववियााँ 1. परम्परागत वववि 2. वैज्ञावनक वववि # परम्परागत वववि - 1. आकखिक - बाढ़, भूकम्प, तीव्र वषाथ, पृथ्वी की सतह में उथल पुथल * बयाना वनवि 1946 (राजस्थान) * हड़प्पा, राजघाट * फ्ांस लास्को गुफा * स्पेन की अल्टामीरा
  8. 8. 2. सावहखिक - प्राचीन - 1884 ईस्वी में होमर द्वारा ववणथत वटररंस क े राजप्रासाद को Heinrich schliemann ने खोजा था l िावमथक - रामायण, महाभारत, वेद आवद * ऋग्वेद में ववणथत हरर यूवपय को हड़प्पा बतलाया जाता हैं * 1975 - 1986 ईस्वी तक B.B.Lal ने आयोध्या, नंदीग्राम, वचत्रक ु ट आवद रामायण में ववणथत जगहों की खोज की थी l यात्रा वृत्तान्त - चीनी यात्री फाह्यान तथा ह्वेनसांग क े यात्रा को आिार बनाकर कवनंघम ने काफी पुरास्थलोंकी पहचान की थी l
  9. 9. 3. गााँव - गााँव सवेक्षण * वकवदंवतयााँ * बवलया क े मझररताल पुरास्थल 4. सतही सवेक्षण 5. मानवचत्र का अध्ययन
  10. 10. # वैज्ञावनक वववि 1. हवाई छायांकन - 1914 से 1919 ईस्वी प्रथम ववश्व युद्ध क े दौरान England, Europe और West Asia में इसका प्रयोग हुआ था l * गैस गुब्बारे * क ै मरा युक्त हवाई जहाज * क ै मरा युक्त ड र ोन O.G.S.Craford, Alen * रामसेतु
  11. 11. 2. मृदा ववश्लेषण - इस वववि में वमट्टी की pH मात्रा मापी जाती हैं l 3.Metal Director 4. चुम्बक मापन - Proton Magnetometer 5. ध्ववन वववि -
  12. 12. 7. वविुत - प्रवतरोिक मापक - वोल्टमापी यंत्र दो + दो - क ै थोड एनोड का प्रयोग 8. सागर तल सवेक्षण - Bathyscaple यंत्र * सागरतल में वछपी सभ्यता या पुरावस्तु का पता लगाया जाता हैं l * S.R.Rao ने वतथमान द्वारका क े समीप समुद्र की गहराइयोंमें एक पुरास्थल की खोज की वजसे प्राचीन द्वारका माना जाता हैं l
  13. 13. Excavation (उत्खनन) * आवश्यक वस्तुएाँ , उपकरण Compass, Measuring tapes, Plane table, Drawing board, Paper, Pins, Scale, Pencil, Plumbobs, Site Notebook, Register, Photography scale, Brush etc. Picks, Spades, Scoops, Knives, Basket, Pans, Trowels, Planks, Crowbars
  14. 14. उत्खनन वववियााँ 1. Vertical Excavation (लम्बवत उत्खनन) 2. Horizontal Excavation (क्षैवतज उत्खनन) 3. Burial Excavation (कविस्तान या समावि-स्थल का उत्खनन)
  15. 15. Verticle Excavation
  16. 16. Horizontal Excavation
  17. 17. Burials Excavation 1. Parallel Method
  18. 18. 2. Quartering or Quadrant Method (वृतपाद या चतुथाांश उत्खनन वववि)
  19. 19. 3. Flat/Plane Burials (समतल समावि ) 4. Urn (अखस्थ कलश)
  20. 20. Conservation and Preservation (पुरावशेषोंका परररक्षण) उत्खनन स्थल पर पुरावशेषोंएवं पुरावनवियो क े परररक्षण क े वलए आवश्यक सामग्री- Distilled Water, Nitric acid, Acetic acid, Hydrochloric acid, Polyvinayl acetate, Amyl acatate, Acetone, Amonia, Caustic Soda, Paraffin Wax, Plaster of Paris, Test tube, Glass, Copper rod, Knife, Brush, Copper brush, Pot etc.
  21. 21. 1. वमट्टी की बनी वस्तुएाँ • वमट्टी की वस्तु ज्यादा समय तक जमीन क े अन्दर रहने से नमक अवशोवषत कर लेती हैं, इन्हें साफ करने हेतु लवण रवहत साफ पानी से िोना चावहए l * वसल्वर नाइटरेट से परीक्षण करक े नामक की मात्रा की जााँच करते रहना पड़ता है l
  22. 22. 2. पाषाण वनवमथत पुरावशेष • कागज की लुग्दी पाषाण वनवमथत वस्तु पर 2 से 3 से.मी. मोटा लेप वकया जाता है और इसक े सूखने से पहले इसे िोकर दू सरा लेप चढ़ाते हैं यह तब तक करते हैं जबतक की पुरावस्तु से नामक की मात्रा खत्म न हो इसका पता लगाने हेतु वसल्वर वलटरेट का प्रयोग करते हैं l • संगमरमर, वसलखड़ी एवं चुना पत्थर से बने पुरावशेष को साफ करने हेतु क ै खशशयम सल्फ े ट क े घोल का प्रयोग करते हैं l
  23. 23. 3. तांबे से बनी पुरावस्तु *Tartaric acid, Caustic soda and Water ववनॉयल एवसटेट 4. लौह * सोवडयम काबोनेट का 2% घोल में डुबोकर रखें लोहे क े अन्दर क्लोराइड का असर खत्म करने हेतु वजंक शीट से ढका जाता हैं l
  24. 24. 5.चांदी * पृथ्वी क े अंदर चांदी ज्यादा समय तक दबे रहने से उसपर वसल्वर क्लोराइड की परत जम जाती हैं वजसे हटाने क े वलए 3% गंिक क े घोल का प्रयोग वकया जाता है l पानी और अमोवनयम क्लोराइड 6. सोना * Detergent powder Hydrochloric acid
  25. 25. 7. कााँच की वस्तुएाँ 8. सीसा काखिक सोडा एवं गंिक क े 2% घोल में डुबाकर रखा जाता हैं वफर गमथ पानी से िोया जाना चावहए l ववनॉयल एवसटेट क े 10% घोल का ववलेपन कर देना चावहए l
  26. 26. 9. हड्डी * हड्डी से बनी वस्तु से नमक का प्रभाव हटाने क े वलये एसेवटक एवसड क े 15% घोल का प्रयोग करना चावहए 10. हाथी दााँत से बनी वस्तुएाँ 11. काष्ठ, कपड़ा, कागज, भोजपत्र आवद
  27. 27. 1. इवतहास • विश्व – • प्रथम प्रयोग – मेसोपोटावमया सभ्यता – नािोवनदास (556 – 539 ई.पू.) • वनप्पुर नगर स्थथत शमस (सूययदेि) क े मंवदर का उत्त्खन्न • रोम में 15 वि शताब्दी क े अंवतम दशक में प्राचीनतम कलाक ृ वतयों का संग्रह प्रारम्भ हुआ • 1751 – 1753 ई. क े बीच जेम्स स्तुयटय नामक वचत्रकार और वनकोलस ररिेट नामक िास्तुविद ने हाियड का अनुसरण करते हुए मध्य एथेन्स क े प्राचीन स्मारकों का विस्तृत वििरण तैयार वकया – • ‘एं टीक्वीटीज ऑफ़ आयोवनया’
  28. 28. 1707 ई. में इंग्लैंड – Society of Antiquaries of London 1751 में चाटथर प्रदान वकया गया 1770 में Archaeologia Magazine 1809 France – Le Academic Celtique Societe Royale de Antiquries de France France क े सोम नदी क े जमाव का पररक्षण जोसेफ प्रेिववच वनबंि प्रकाशन – 26 मई 1859 ई. France जॉजथ क ु ववये ने पृथ्वी क े आरम्भ से वतथमान समय तक को अनेक युगोंमें ववभावजत वकया है हर युग क े अंत में प्रलय होती है तथा नए जीवो का ववकास होता है जेम्स हटन – 1785 थ्योरी ऑफ़ द अथय चार्ल्य लॉयल – वप्रंवसपर्ल् ऑफ़ वजयोलॉजी चार्ल्य डावियन - द ओररवजन ऑफ़ स्पीशीज
  29. 29. * कर्स्यन नेबुहार – 1780 में एमर्स्रडैम से प्रकावशत (एवलफ ें टा क े नौ वचत्र) * 15 jan 1784 को कलकत्ता – Asiatic Society of Bengal (विवलयम जोन्स) * 1788 में Asiatic Researches जनयल का प्रकाशन प्रारम्भ * 1843 में कवनघम द्वारा संवकसा की खोज * 1861 ई. लाडय क े वनंग क े समय भारतीय पुरातत्त्व सिेक्षण विभाग की रूपरेखा तैयार
  30. 30. संकवलया प्रथम काल 1861 – 1902 वद्वतीय काल 1902 – 1944 तृतीय काल 1944 – 1960 चतुथय काल 1960 – आजतक
  31. 31. प्रथम काल 1861 – 1902 1871−1885 Alexander Cunningham 1886−1889 James Burgess * कवनंघम तथा बगेस क े अवतररक्त जे. एफ. फ्लीट, ब्युलर, एस्लंग, भंडारकर, भगिान दास आवद विद्वान मौजूद थे – Epigraphia Indica * 1866 में लौरेंस ने पुरातत्त्व विभाग की समास्ि कर दी * 1870 में भारतीय पुरातत्त्व सिेक्षण विभाग की थथापना कवनंघम महावनदेशक बने
  32. 32. कवनंघम 1871 – Agra Delhi 1872 – Bodhgaya, Bundelkhand 1873 – Indo greek Coins 1873 – 77 – Dis. Bharhut stupa 1878 – 79 – Taxshila Hoard * 1871 James Berges – इंवडयन एं टीक्व े री * 1873 में फ्लीट द्वारा कोपयस इन्सविप्शन इंडीक े रम – गुि अवभलेख का प्रकाशन 1902 – Sir John Marshall 1904 – प्राचीन स्मारक परररक्षण अविवनयम
  33. 33. 1928−1931 Harold Hargreaves 1931−1935 Daya Ram Sahni 1935−1937 J. F. Blakiston 1937−1944 K. N. Dikshit 1944−1948 Mortimer Wheeler 1948−1950 N. P. Chakravarti 1950−1953 Madho Sarup Vats 1953−1968 Amalananda Ghosh 1968−1972 B. B. Lal 1972−1978 M. N. Deshpande 1978−1981 B. K. Thapar
  34. 34. 1981−1983 Debala Mitra 1984−1987 M. S. Nagaraja Rao 1987−1989 J. P. Joshi 1989−1993 M. C. Joshi 1993−1994 Achala Moulik 1994−1995 S. K. Mahapatra 1995−1997 B. P. Singh 1997−1998 Ajai Shankar 1998−2001 S. B. Mathur 2001−2004 K. G. Menon 2004−2007 C. Babu Rajeev 2009−2010 K. N. Srivastava 2010−2013 Gautam Sengupta 2013−2014 Pravin Srivastava 2014−2017 Rakesh Tewari

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