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ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो

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Following presentation is an excerpt from discourse given by Shri Prashant on behalf of Advait Life-Education at HIET, Ghaziabad on 7th February, 2013.

Clarity sessions are held at Advait office every Sunday 10.00 am and Wednesday 6.30 pm.
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ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो

  1. 1. श्री प्रश ांत के व्याख्यान “ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो” पर आधाररत ज़िन्दगी कम न हो” “ज़िन्दगी से advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो प्रस्तुज़त: अपार मेहरोत्रा
  2. 2. ज़िन्दगी – ज़िन्दगी ________________ = ________________ पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in
  3. 3. प्रश्न: लोग कहते हैं ज़क ज़िन्दगी से दो– चार चीि़ें कम हो जाय़ें, तो कोई फकक नहीं पड़ता ; ‘अगर ज़ििंदगी से प्यार, पैसा, पररवार वगैरह कम हो जाये, तो क्या कोई फकक पड़ेगा?’ hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  4. 4. उत्तर: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम नहीं होनी च जहए hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  5. 5. बात को से समझो पूरा लेख पढने के ललए: hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  6. 6. “चीि़ें” • चीि़ें ज़िन्दगी नहीं होतीं • चीि़ों को जाने दो, चीि़ों से ज़िन्दगी नहीं बनती • चीज़ें तो बाहर से आई हैं और उन्ह़ें बाहर चले जाना है • चीि़ों की प्रकृ ज़त है आना और जाना hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  7. 7. “ज़िन्दगी”•ज़िन्दगी आने–जाने वाली चीि नहीं है । वो पूरी है  •लेज़कन अगर ज़िन्दगी चीि़ों के पीछे भागते हुए बीतती है तो अधूरी रह जाती है। बडी गरीब रह ज ती है  पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  8. 8. गरीबी क्या है ?पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  9. 9. गरीबी • गरीबी यह नहीं ज़क पैसा कम हो गया, • गरीबी यह है ज़क पैसा और चाज़हए था । पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  10. 10. गरीब • गरीब वो नहीं ज़जसके पास इतना ही है, • गरीब वो है ज़जसे अभी और चाज़हए । पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  11. 11. मूल सव ल क्य है पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  12. 12. पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो मूल सवाल बस एक है ज़क क्या बाहरी है और क्या बाहरी नहीं है
  13. 13. बाहरी क्या है ? • चीि़ें सदा बाहरी हैं, • व्यज़ि सदा बाहरी है, • ज़स्थज़तयािं सदा बाहरी हैं पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  14. 14. अपना क्या है ? तुम्हारी जानने की क्षमता, तुम्हारी होश की काज़बज़लयत । ज़सफक वो है तुम्हारी अपनी, ज़सफक वो तुम हो । उसके अज़तररि कु छ नहीं है तुम्हारा पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  15. 15. करना क्या है?पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  16. 16. वस्तु,व्यज़ि, पररज़स्थज़तयािं, समय, जो कु छ भी आता जाता रहता है उन्ह़ें चीि ही मानो । • उनसेत द त्म्य मत बैठ लेन • उनसेअपनी पहच न मत म न लेन पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  17. 17. ‘मैं कौन हूँ?’ • मैंफ़ल नेपररव र क सदस्य हूँ • मैंवो हूँ जो बहुत अमीर है • मैंवो हूँ जजसके प स यह जिग्री है • मैंअमुक धमम क म ननेव ल हूँ पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in आम जव ब: hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  18. 18. इनको अपनी पहचान मत बना लेना। बाहरी चीि़ों के साथ एक गहरा नाता मत जोड़ लेना । पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  19. 19. अगर ये सब तुम्हारी पहचान बन गए, तो होगा ये ज़क ज़िन्दगी म़ें लोग, चीज़ें, धारणाएिं भर जाय़ेंगी और ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम हो जाएगी पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  20. 20. ज़िन्दगीकम न हो पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  21. 21. तो क्या बाहरी को हटाना है? पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com advait.org.in ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न होhindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  22. 22. हटाना नहीं है हटाना तो यह बताता है, ज़क उनसे तुम्ह़ें कु छ परेशानी हो रही है । न उनके होनेसेतु्हें कु छ दुश्मनी होनी है और न उनके चलेज नेसेतु्हें कोई जवशेष ल भ होन है । पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com advait.org.in ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न होhindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  23. 23. बाहरी से न डरना है, न भागना है, बस जानना है ज़क वो ब हरी है उससे पहचान नहीं बना लेनी है । पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  24. 24. उसके घर म़ें अगर एक नया बड़ा टीवी आ जाये, तो उसे लगता है ज़क उसकी ज़िन्दगी बढ़ गयी और उसकी गाड़ी चोरी हो जाए तो उसे लगता है ज़क ज़िन्दगी चोरी हो गयी अगर तुम एक आम आदमी को देखो, तो पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  25. 25. यह गड़बड़ है पूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  26. 26. तुमने वस्तुओिंके साथ जीवन जोड़ ज़दया है । तुमने आपनी पहचान स्थाज़पत कर ली वस्तुओिंसे, व्यज़िय़ों से, पररज़स्थज़तय़ों से >अब ज़दक्कत हो कर रहेगी< यह ना होने पाए बस hindi.prashantadvait.com advait.org.in ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न होपूरा लेख पढने के ललए:hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  27. 27. ज़िन्दगीकम न हो www.advait.org.in ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न होपूरा लेख पढने के ललए: advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  28. 28. यह प्रस्तुतत तिम्ितितित िेि का अंश है: “ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो” क्लिक करें @ ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो (श्री प्रश ांत – Words into Silence) पूरे लेख को पढ़ने के लल क्लिक करें @ उद्गार मौन के ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in यह प्रस्तुतत तिम्ितितित िेि का अंश है: hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  29. 29. ज़क्लक कऱें अगली स्लाइड पर पूरा ज़वज़डयो देखने के ज़लए ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न होउद्गार मौन के ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो advait.org.in hindi.prashantadvait.com पूरा लेख पढ़ने के ललए: ज़िन्दगी से ज़िन्दगी कम न हो
  30. 30. लेखक शिक्षकउपक्रमी, और इनसबके पार अद्वैत लाइफ-एजुके िन संस्था के मार्गदिगक,संचालक उनके नेतृत्व में शिमालय की र्ोद मेंआयोशजत बोध शिशवरों मेंकालातीत बोध-साशित्यका जन्मिो रिा िै श्री प्रश ांत वक्त advait.org.in
  31. 31. जीवन-सम्बिंज़धत वाताकओिं एविं व्याख्याऩों म़ें सिंलग्न । वेदािंत एविं सभी समय़ों एविं स्थाऩों के आध्याज़ममक साज़हमय पर प्रवचन देना भी अमयज़धक ज़प्रय। उनके वचऩों ने एक ज़वज़शष्ट बोध-साज़हमय को जन्म ज़दया है । (www.prashantadvait.com) अद्भुत हैं अज़स्तमव के तरीके । आइआइटी और आइआइऍम से प्रौद्योज़गकी और प्रबिंधन की ज़शक्षा प्राप्त करने के पश्चात्, और ज़वज़भन्न उद्योग़ों म़ें कु छ समय के उपरान्त, समयातीत की सेवा की ओर उन्मुख हुए ।
  32. 32. श्री प्रिांत के साथ बोध सत्र अद्वैत स्थल, नॉएि म़ें आयोज़जत ज़कये जाते हैं रज़ववार सुबह ९.०० एविं बुधवार शाम ६.३० बजे सभी का स्वार्त िै! इस एविं ढेऱों अन्य ज़वज़डयो की प्रज़तज़लज़प पढ़ने के ज़लए सदस्य बऩें (सब्सक्राइब कऱें – कोई शुल्क नहीं) @ www.prashantadvait.com www.youtube.com/c/PrashantTripathi01 www.youtube.com/c/ShriPrashant soundcloud.com/shri-prashant-tripathi www.mixcloud.com/Shri_Prashant_Tripathi www.pinterest.com/prashantekarshi/

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